शादी में क्यों लगाते है दूल्हा और दुल्हन को मेहंदी -सात फेरो का गणित।।



शादी में दूल्हा और दुल्हन को मेहंदी लगाने की परंपरा है। यह केवल शादी के पूर्व की एक मजेदार रस्म ही नहीं है बल्कि इसका सांस्कृतिक महत्व भी बहुत गहरा है। मेहंदी एक आयुर्वेदिक दवाई मानी गई है। यह शरीर तथा मस्तिष्क की गर्मी को शांत कर रिलेक्स करती है और तनावमुक्त बनाती है।



मेंहदी की तासीर ठंडी होती है। भारतीय समाज में शादी एक बहुत ही लंबा और थकाऊ काम है जिसमें शादी की तैयारियों में जुटे लोग काफी थक जाते हैं। ऐसे में दूल्हे तथा दुल्हन के हाथ व पैरों में मेहंदी लगाई जाती है। हाथ और पैरों में मेहंदी लगाने से उनके मस्तिष्क को काफी आराम मिलता है तथा वह तनावमुक्त हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त मेहंदी के प्रयोग से हाथ-पैरों की सुंदरता भी निखर उठती है।

सात फेरो का गणित


शादी में वर - वधु को 7 फेरे लगवाये जाते है,
क्योंकि एक फेरा 360° का होता है.

और 360 ऐसी संख्या है जो 1 से 9 तक के अंको में केवल 7 से विभाजित(Divide) नही होती..

इसलिए *

7 फेरो का सम्बन्ध अविभाज्य है..

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