भगवान श्रीगणेश के आठ अवतार और उनकी कथा-Eight incarnations of Lord Shriganesh and his story
भगवान श्रीगणेश के आठ अवतार 1. वक्रतुंड - श्री वक्रतुण्ड गणेश भगवान् श्री गणेश के प्रथम वक्रतुण्ड अवतार के सम्बन्ध में एक शलोक मिलता है जो इस प्रकार है - वक्रतुण्डावताराश्च देहानां ब्रह्मधारकः | मत्सरासुरहन्ता स सिंहवाहनगः स्मृतः || (भगवान् श्री गणेश का वक्रतुण्ड अवतार ब्रह्म स्वरुप से सम्पूर्ण शरीरों को धारण करने वाला है, मत्सर असुर का वध करने वाला तथा सिंह वाहन पर चलने वाला है |) कथा:- भगवान् श्री गणेश का पहला अवतार वक्रतुण्ड का है । इसकी कथा इस प्रकार है की एक बार देवराज इन्द्र के प्रमाद से मत्सरासुर का जन्म हुआ। उसने दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य से भगवान् शिव के पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) की दीक्षा प्राप्त करके भगवान शिव की कठोर तपस्या की । भगवान् शिव ने उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर उसे अभय होने का वरदान दिया । वरदान प्राप्त करके जब मत्सरासुर घर लौटा तो दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने उसे दैत्यराज नियुक्त कर दिया । मत्सरासुर ने दैत्यों का राजा बनते ही पद शक्ति के मद में चूर होकर प्रथ्वी पर आक्रमण कर दिया । समस्त राजा मत्सरासुर के अधीन हो गये तथा पृ...