Mata Kaalratri ji Ki Aarti



कालरात्रि जय जय महाकाली
काल के मुह से बचाने वाली
दुष्ट संगारण नाम तुम्हारा
महा चंडी तेरा अवतारा
पृथ्वी और आकाश पे सारा
महाकाली है तेरा पसारा
खंडा खप्पर रखने वाली
दुष्टों का लहू चखने वाली
कलकता स्थान तुम्हारा
सब जगह देखू तेरा नजारा
सभी देवता सब नर नारी
गावे स्तुति सभी तुम्हारी
रक्तदन्ता और अन्न पूर्णा
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना
ना कोई चिंता रहे ना बिमारी
ना कोई गम ना संकट भारी
उस पर कभी कष्ट ना आवे
महाकाली माँ जिसे बचावे
तू भी 'चमन' प्रेम से कह
कालरात्रि माँ तेरी जय

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